हमे गर्व है ऐसी भारतीय नारी पर जिन्होंने पति के शहीद होने के बाद, अब बेटा को भी कर दिया देश के हवाले, बनाई आर्मी ऑफिसर

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We Proud Indian Woman: आज हम आप को एक ऐसी भारतीय महिला के बारे में बताने जा रहे जिनके बारे में सुनकर हर किसी को इस भारतीय महिला पर गर्व होता है। दरअसल आप की जनकरी के लिए बता दे की, आज से 19 साल पहले देश की शरहद पर भारतीय सेना के जांबाजों ने दुश्मनों को खदेड़ कर कारगिल विजय की एक नई इतिहास की गाथा लिखा था। इस जंग में हमारे देश के कई वीर सपूतों ने अंतिम साँस तक देश के लिए लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।

We Proud Indian Woman –

आप को बता दे की इन शहीदों में एक थे BSF के डिप्टी कमाण्डेन्ट और राष्ट्रपति द्वारा गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित रहे कोटा राजस्थान के सुभाष शर्मा जिन्होंने इस युद्ध में देश की रच्छा करते हुए शहीद हो गए थे। कारगिल युद्ध मे देश की रक्षा करते हुए जब सुभाष शर्मा शहीद हुए थे, उस समय अपने पीछे जिस परिवार को छोड़ गए थे उनमे शामिल थी उनकी पत्नी बबीता शर्मा और 9 महीने का बेटा क्षितिज। 9 महीने का बेटा को तो उस समय पिता का मतलब भी पता नहीं होगा। उनके लिए ये एक त्रासदी से कम नही था।

आप को बता दे की सामान्यतः एक दुधमुँहे बच्चे के साथ अकेली औरत जीवन के संघर्षों में दम तोड़ देती है। लेकिन उनकी पत्नी ने हार नहीं मानी और बबीता शर्मा की अदम्य इक्षाशक्ति और समर्पण के आगे नियति ही उनकी मार्गदर्शक और सहायक बन गयी। तब से लेकर अब तक कई वर्ष बीत गए, बबीता जी की आंखों में उनका बेटे के प्रति कमिटमेंट ने ही दुःख की घडी में भी हर पल जीवित रखा था।

सपना और प्रण हुआ साकार –

आप को बता दे की अपने पति के खोने के बाद शहीद पति के सामने उन्होंने अपने बेटे के लिए प्रण लिया था, वही आप को यह भी बता दे की पति के शहीद होने पर किया गया उनका प्रण कुछ दिनों पहले तब साकार हो गया जब उनका 22 वर्षीय बेटा क्षितिज IMA देहरादून से आर्मी ऑफिसर बन के निकला, तब जाकर उनका सपना साकार हो गया। अब उनका बीटा देश की सेवा करने के लिए, क्षितिज उन्ही वादियों में देश की रक्षा में तैनात होंगे जहां कभी उनके वीर पिता की बंदूकें गरजती थीं।

शहीद की पत्नी बबीता शर्मा जी को उनके कठिन समर्पण और संघर्ष की अनोखी कहानी ने आज एक नया इतिहास रचा है, आज उस शहीद की आत्मा भी प्रफुलित जरूर हुई होगी। आज पूरा देश के लिए किए गए बलिदानों के लिए शत शत नमन है। साथ ही ऐसी वीरांगनाओं और वीर माताओं को देश अनेको बार सलाम करता है। ……Next