भारत में है मात्र एक ऐसा मंदिर जहां अपनी पत्नी के साथ विराजते है शनि देव

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Shani Dev Only One Temple In India: शनिवार का दिन को शनि देव का पूजा अर्चना करने का दिन माना जाता है। आज के दिन शनि मंदिरो शनि भक्तो की खूब भीड़ देखी जाती है। आप की जानकारी के बता दे की आज के समय में हमारे देश भारत में वैसे तो शनि देव के बहुत सारे मंदिर है जहां पर उनकी प्रतिमा स्थापित है। मगर आज हम शनि देव के एक ऐसा मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जहाँ पर शनि देव अपनी पत्नी के साथ बिरजमान है। और यह शनि देव का मंदिर हमारे देश में मात्र ऐसा एक ही मंदिर है।

चलिए जानते है भारत में शनि देव का ऐसा मंदिर कहा पर स्थापित है जहाँ शनि देव अपने पत्नी के साथ बिरजमान है।

आप लोगो की जानकारी के लिए बता दे की यह शनि देव का अदभुत भवय मंदिर छत्तीसगढ़ में कवर्धा जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर करियामा गांव में स्थित है। आपको बता दे की इस शनि देव के मंदिर में इस मंदिर में दर्सन करने Breaking News, Viral News, Latest News, Trending News, Hindi News, Latest News hindi, India, HindustanFeed, Shani Dev Only One Temple In Indiaजाने के लिए अनेक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। क्योकि यहां इस मंदिर तक जाने वाली रास्ते भी पथरीली और कच्ची है। इस लिए इस मंदिर तक पहुंचने में थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उसके बाद ही आप इस अद्भुत शनि मंदिर का दर्शण का लाभ उठा सकते है।

जब आप इस मंदिर के दर्सन करने पहुचेगे तो यहां आपको शनि देव का दर्सन के साथ में ही शनि देव के पत्नी का दर्सन भी होगा। यहां पर शनि देव पति पत्नी एक साथ बिरजमान है। चली आरही सदियों की परंपरा के अनुशार यहाँ के स्थानीय लोग बताते है की इस मंदिर में स्थापित शनि देव और उनकी पत्नी की प्रतिमा महाभारत काल से ही है। पौराणिक धर्म ग्रंथो के अनुशार भी इस मंदिर की बहुत महत्व बताया गया है। इस कारन इस शनि मंदिर के साथ बहुत सारी मान्यताये जुड़ी हुई है।

Shani Dev Only One Temple In India –

इस एकलौती शनि देव की मंदिर होने के कारन यहाँ दूर -दूर से लोग इस मंदिर के दर्शन करने आते है और यहाँ भी शारसो का तेल प्रतिमा पर चढ़ाते है। यहाँ इस मंदिर की एक और महत्वपूर्ण बात यह भी है की इस मंदिर में जो भी सच्चे मन से श्रद्धा पूर्वक अपनी इच्छा लेकर आते है वो खाली हाथ नहीं जाते है उनकी हर मनोकामना पूरी करते है शनि देव धर्म ग्रंथो के अनुशार बताया जाता है की इस मंदिर की स्थापना पांडवो ने करवाया था। ऐसी मान्यता है की जब पांडव को बनवास काल मिला था।

उसी दौरान यहाँ जंगलो में कुछ समय ब्यतीत किया था उसी दौरान इस मंदिर का निर्माण किया था। Shani Dev, इस शनि देव के मंदिर के साथ एक और मान्यता जुडी हुई है, मान्यता प्रचलित है की जो भी पति पत्नी अगर एक साथ इस मंदिर में आकर दोनों श्रद्धा पूर्वक अपनी माथा टेकते है और सरसो का तेल चढ़ाते है तो ऐसा करने से पति और पत्नी दोनों का जीवन धन्य हो जाता है और उनका जीवन सुखमय हो जाता है। साथ है यहाँ पर अगर कोई भी ब्यक्ति सरसो का तेल चढ़ा कर अपना माता शनि देव के चरणों में टेकता है तो उनके जीवन से साढ़े शाति की महादशा से मुक्ति मिल जाती है। ……Next 

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