राजनाथ सिंह ने सोमबार को आने वाले फैसले से पहले सेना को दिए अलर्ट रहने के आदेश

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Rajnath Singh orders alerted army: कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद से ही मोदी सरकार और देश की सेना की तरफ से प्रतिदिन पिछले 8 दिनों से किसी ना किसी रूप में करवाई की जारही है। जिसमे आतंकी हमले की साजिश रचने वाला से लेकर और भी कई आतंकियों को सेना ने मारा, वही सरकार की तरफ से कश्मीर में अलगावादी नेताओ को मिलने वाले सुरछा छीने जाने से लेकर इन नेताओ की गिरफ्तारी तक शामिल है। वही अभी पुरे देश में कश्मीर की धारा 370 हटाने को लेकर भी खूब मांग जोरो पर है।

Rajnath Singh orders alerted army –

आप की जानकारी के लिए बता दी इस अटैक वाली घटना के आज 8 वे दिन कश्मीर में सुरछा बलों की भारी शंख्या में बढ़ने की मूवमेंट देखने को मिली है। मिडिया सूत्रों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्ली से गृह मंत्रालय ने चीफ सेक्रेटरी, जम्मू-कश्मीर सरकार, श्रीनगर होम मिनिस्ट्री को एक फैक्स मैसेज भेजा है। जिस फैक्स मैसेज में लिखा गया है कि जम्मू-कश्मीर में तुरन्त सीआरपीएफ की 45, बीएसएफ की 35, एसएसबी की 10 और आईटीबीपी की 10 कंपनियों को हवाई मार्ग से भेजा गया है, जिसे जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया है। साथ ही उन्हें आदेश दिया गया है की अगले आदेश मिलने तक ये सभी सुरछा कंपनियां वही रहेगी।

जानिए क्यों किया गया है ऐसा –

आप की जानकारी के लिए बता दे की, सोमबार को सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली संविधान की धारा 35-A को लेकर सुनबाई की जानी है। ऐसे में फिलहाल यह तो कोई भी नहीं जानता है की सोमबार को सुप्रीम कोर्ट अपने तरफ से इस धारा को लेकर क्या फैसला सुनाती है। लेकिन इस में कोई भी दो राय नहीं है की अलगावादी नेताओ द्वारा उनके एक इशारे पर जम्मू-कश्मीर में किसी भी तरह का बड़ा हिंसा हो सकता है।

ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को देखते हुए घाटी में माहौल खराब होने का खतरा है इसलिए पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए है। साथ ही साथ इसी कारन को लेकर अलगाववादी नेता यासीन मलिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जिससे किसी भी तरह का सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने पर किसी प्रकार की अप्रिय घटना होने की इस्थिति उत्पन्न ही ना होने दिया जाये, इस कारन सुरछा के लिए सेना की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।

क्या है कश्मीर की धारा 35-A –

दरअसल आप को बता दे की, संविधान की धारा धारा 35-A के अनुसार जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा मिला हुआ है। करीब 1954 के राष्ट्रपति के आदेश से इस संविधान में जोड़ा गया था, जिसके तहत संविधान के इस आर्टिकल के मुताबिक राज्‍य में स्‍थाई निवासियों के लिए एक अलग परिभाषा तय की गई थी। जिसके अनुसार जम्मू-कश्मीर को यह अधिकार प्राप्त है कि वो किसे अपना स्थाई निवासी माने और किसे नहीं माने।

इन्ही मिले अधिकारों के तहत जम्मू कश्मीर सरकार उन लोगों को स्थाई निवासी मानती है जो 14 मई 1954 के पहले कश्मीर में बसे थे। यहां के स्थाई निवासियों को ही यहां जमीन खरीदने, रोजगार पाने और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के अधिकार का वर्णन किया गया है इस अधिकार के तहत।

साथ ही आप को यह भी बता दे की, सके अलावा देश के किसी दूसरे राज्य का निवासी जम्मू-कश्मीर में जाकर स्थाई निवासी के तौर पर नहीं बस सकता है। वो यहां पर न ही जमीन खरीद सकता है और राज्य सरकार की नौकरी भी नहीं कर सकता है। इतना ही नहीं अगर जम्मू-कश्मीर की कोई महिला भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उसके अधिकार छीन लिए जाते हैं।

वही आप को बता दे की सोमबार को इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनबाई होनी है, अब सोमबार को सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर क्या फैसला लिया जाता है ये तो उसी दिन पता चलेगा। आप को बता दे की एक तफ सरकार की ओर से भारत की जनता की मांग को देखते हुए धारा 35-A को हटाने का प्रस्ताव है तो वही दूसरी तरफ से कश्मीर की इस धारा को नहीं हटाने की पेशकश है। Rajnath Singh orders alerted army अब आगे क्या होगा सोमबार को ही पता चलेगा। ……Next