26 हजार सैनिकों के सम्मान में पीएम मोदी ने किया वो काम, जो 55 साल में कोई और सरकार नहीं कर पाई

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Modi government approved National War Memorial: आज हमारे देश में इंडिया गेट के पास 40 एकड़ में, 59 साल बाद तैयार हुआ नेशनल वॉर मेमोरियल को प्रधानमंत्री मोदी जी देश और सेना को समर्पित करेंगे। आप को बता दे की यह नेशनल वॉर मेमोरियल उन शहीद जवानो के सम्मान के प्रति सूचक होगा जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान को देश पर नौछबार कर दिया है। आप को बता दे की यह नेशनल वॉर मेमोरियल देश की रक्षा की खातिर शहीद होने वाले जवानों की याद में बनाया गया है।

Modi government approved National War Memorial –

एक अधिकृत प्रेस रिलीज के मुताबिक सोमवार को होने वाला यह आयोजन सेना की परंपरा के मुताबिक होगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल को जवानों को समर्पित किया जाएगा। नेशनल वॉर मेमोरियल को देश की रक्षा की खातिर शहीद होने वाले 25 हजार 942 से वीर जवानों की याद में बनाया गया है। इस नेशनल वॉर मेमोरियल की भव्यता बहुत ही सुन्दर दिखाई देती है। इसे बनवाने के लिए सेना की ओर से पिछले 59 सालों से कोसिस किया जा रहा था, लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद यह नेशनल वॉर मेमोरियल सिर्फ चार सालों में बनकर तैयार हो गया।

नेशनल वॉर मेमोरियल की भव्य संरचना –

आप को बता दे की नेशनल वॉर मेमोरियल को ऐसे तैयार किया गया है, जिससे राजपथ और इसकी भव्य संरचना के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। इससे लगे प्रस्तावित नेशनल वॉर म्यूजियम के लिए उपयुक्त डिजाइन तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इसकी शुरुआती लागत करीब 500 करोड़ रुपए है और इसे पूर्ण रूप से तैयार होने में अभी भी कुछ साल और लगेंगे। उसके बाद यह मेमोरियल बेहद ही भवय दिखेगा।

मेमोरियल के मध्य में बनीं 21 परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्ति –

आप को बता दे की इस मेमोरियल की छह भुजाओं (हेक्सागोन) वाले आकार में बने मेमोरियल के केंद्र में 15 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ बनाया गया है। इस पर भित्ति चित्र, ग्राफिक पैनल, शहीदों के नाम और 21 परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्ति बनाई गई है। स्मारक चार चक्रों पर केंद्रित है- अमर चक्र, वीरता चक्र, त्याग चक्र, रक्षक चक्र। इसमें थल सेना, वायुसेना और नौसेना के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई है। शहीदों के नाम दीवार की ईंटों में उकेरे गए हैं। साथ ही आप देखेंगे की स्मारक का निचला भाग अमर जवान ज्योति जैसा है।

मोदी सरकार ने 4 साल में किया यह कारनामा –

आप को बता दे की सेना की ओर से पहली बार 1960 में नेशनल वॉर मेमोरियल बनाने का प्रस्ताव सशस्त्र बलों ने दिया था। जिसके बाद प्रस्ताव तो उस समय की सरकार ने पास कर दी लेकिन सरकारों की उदासीनता, ब्यूरोक्रेट्स और सेना के बीच गतिरोध से इसका निर्माण नहीं हो सका। वही जब केंद्र में मोदी सरकार आई तो उसके बाद अक्टूबर 2015 में नेशनल वॉर मेमोरियल स्मारक के निर्माण को मंजूरी दे दी गई और सिर्फ चार साल में ही यह स्मारक बन कर तैयार हो गया।

भारत में ही सिर्फ है युद्ध स्मारक –

आप को बता दे की दुनिया की तमाम बड़े देशों में से सिर्फ भारत में ही अपने सेना के प्रति यादगार बनाने के लिए युद्ध स्मारक का निर्माण नहीं हुआ था। इसका निर्माण अंग्रेजों ने पहले विश्व युद्ध में शहीद भारतीयों की याद में 1931 में इंडिया गेट बनवाया था। उसके बाद 1971 के युद्ध में शहीद हुए 3843 सैनिकों के सम्मान में अमर जवान ज्योति बनाई गई थी। इस स्मारक को सेना के प्रति आस्था और उन्हें सम्मान स्वरूप यादगार बनाने के लिए यह निर्माण किया गया था। …..Next