मजदूर की बेटी हेलीकॉप्टर से विदा होकर ससुराल गई, पिता ने कहा कभी सपने में भी नहीं सोचा था ऐसे विदा होगी मेरी गुड़िया

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Laborer’s Daughter Marriage Hisar: हरियाणा हिसार से एक शादी का सोशल मिडिया पर बहुत ही अनोखी इमोसनल स्टोरी वायरल हो रही है। इस अनोखी शादी में समाज में दहेज़ प्रथा के साथ साथ गरीब अमीर के बीच का भेदभाव भी खत्म होती दिखाई दी। आप की जानकारी के लिए बता दे की यहाँ हिसार के रहने वाले संजय ने अपनी शादी में किसी भी प्रकार का दहेज ना लेकर सिर्फ 1 रुपया का शगुन लेकर एक अनोखा मिशाल पेश किया है। इस शादी की खूब चर्चा हो रही है।

Laborer’s Daughter Marriage Hisar –

वही आप को बता दे की हिसार के संजय ने दहेज ना लिया, फिर उसके बाद दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा करा कर घर ले गया। इसी बात की चर्चा पुरे हिसार में छाया हुआ है। वही संजय के पिता सतबीर ने बताया की बिना दहेज लिए शादी करने का मात्र एक ही उद्देस्य है, बेटी बचाओ का संदेश लोगो में देना। ताकि किसी भी पिता को कभी यह एहसास ना हो की बेटी बोझ होती है।

ग्रामीणों ने कहा पहली बार देखि ऐसी अनोखी शादी –

वहां के ग्रामीणों ने कहाँ अपने जीवन में आँखों के सामने पहली बार ऐसी शादी होते देखा है। जिस शादी में कोई दहेज नहीं लिया गया हो साथ ही गांव की गरीब परिवार की बेटी हेलीकॉप्टर से विदा हुई हो। उन्होंने कहा इस शादी से हमारे इलाके में एक बहुत बड़ा संदेश भी मिला है।

लड़की के मजदुर पिता बोले –

आप को बता दे की लड़की के पिता मजूदरी कर अपने तीन बच्चो के साथ परिवार का जीवन यापन करते है। उन्होंने कहा की इस शादी से पहले लड़के के पिता ने सिर्फ एक ही शर्त रखा था की हम देहज नहीं लेंगे और शगुन के तौर पर सिर्फ 1 रुपया लेंगे। लड़के और लड़की के दोनों परिवारों के सहमती के बाद ही यह अनोखी शादी हुई है।

साथ ही उन्होंने कहा की उनका सिर्फ एक ही बीटा है इसलिए मेरी बहुत इच्छा थी की मेरा बेटा शादी करने हेलीकॉप्टर से जाये साथ ही हेलीकॉप्टर से ही दुल्हन बहु को घर लेकर आये। दूल्हा संजय अभी बीए की फाइनल ईयर में पढ़ाई कर रहे है, तो वही आप को बता दे की दुल्हन बीए पास है। बीए पास दुल्हन की डोली हेलीकॉप्टर के रूप में 10 फरवरी को सुबह करीब 11:30 बजे हसनगढ़ गांव में उत्तरी थी।

दुल्हन के पिता ने कहा कभी सपने में नहीं सोचा था, मेरी गुड़िया हेलीकॉप्टर से विदा होगी –

दुल्हन के पिता अपनी बेटी के शादी के लिए उन्हें अक्सर बहुत चिंता रहती थी। लेकिन अब आप जो भी सोचे सायद लड़की का भाग्य भी कह सकते है। या दुल्हन के ऊपर भगवान की कृपा क्योकि मजदुर पिता के पास इतने पैसे कहा से आते। उन्होंने कहा बेटी का भाग्य ही है कि वह आज हेलीकॉप्टर में विदा हुई। हमने तो कभी सपने में नहीं सोचा था की ऐसा परिवार मेरी बेटी को मिलेगा जो हेलीकॉप्टर से विदा करा कर ले जायेगा।…..Next