आपका भी ड्राइविंग लाइसेंस है सन 2000 के बाद का, तो ये रिपोर्ट जरूर पढ़े

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Driving licence mystery: यदि आपने 2000 के बाद एक डीएल बनाया है, तो इस खबर को पढ़ें अन्यथा बाद में आपको पछतावा होगा … बहुत से लोग अब नकली ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग कर रहे हैं और इसका उपयोग भी कर रहे हैं! लेकिन सरकार ऐसे मामलों में अब बहुत सख्त हो गई है! आपको बता दे की फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस को खत्म करने के लिए, सरकार इसे आधार कार्ड से लिंक करने के लिए कदम उठाने जा रही है!

Driving licence mystery –

अब DL को भी आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य है! केंद्रीय कानून मंत्री आर एस प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा! कि सरकार जल्द ही आधार कार्ड से डीएल अनिवार्य करने जा रही है! उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में नितिन गडकरी से भी चर्चा करेंगे!

इसके लिए उन्होंने SC में जानकारी देते हुए कहा! अब सभी ड्राइवर्स के लिए अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ना बहुत जरूरी है! इस विषय पर सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है! सरकार इसके लिए एक सॉफ्टवेयर भी बना रही है! खबरों के मुताबिक ऐसा कहा जा रहा है! वर्ष 2000 के बाद बने सभी स्मार्ट लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा!

यदि आप इसे लिंक नहीं करते हैं तो आपका डीएल रद्द किया जा सकता है! इससे पहले बैंक खाता, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, एलपीजी कनेक्शन कार्ड या अन्य दस्तावेज भी आधार से लिंक हो चुके हैं! लेकिन अब सरकार इसके बारे में ठोस कदम उठाने जा रही है!

जानकारी के अनुसार, सरकार ऐसा सॉफ्टवेयर बना रही है! ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से आधार से जुड़ा हुआ है! यह संभव है कि फर्जी लाइसेंस को रद्द किया जाए, जिसे रद्द किया जा सकता है, और जिनके पास नकली लाइसेंस है उनका विवरण भी सामने आ सकता है। उसके बाद ऐसे लाइसेंस ऑटोमैटिक हो जाएंगे! सड़क सुरक्षा पर अदालत द्वारा गठित एक समिति ने न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ को बताया। उन्होंने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से मुलाकात की और सड़क सुरक्षा सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। इसको लेकर काफी मेहनत की जा रही है!

हमारी भारत सरकार, NIC के साथ मिलकर एक सॉफ्टवेयर -4 बना रही है, जिससे DL को आधार से लिंक किया जा सकेगा! इस बारे में सरकार का कहना है! कि एक बार ड्राइविंग लाइसेंस आधार से बन जाएगा! तो सड़कों पर अपराध काफी हद तक कम हो जाएगा! इसके लिए सभी राज्यों को धीरे-धीरे इस सॉफ्टवेयर में जोड़ा जाएगा!