नष्ट हो जाये चाँद? तो धरती पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

चाँद नस्ट हो जाये तो दुनिया के तमाम वैज्ञानिको का कहना है धरती पर जीवन नस्ट होने में जयादा से ज्यादा छह दिन लगेंगे

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Destroy Moon Effect Earth

Destroy Moon Effect Earth: अगर सौर मंडल से चाँद हट जाये तब जो होगा उसे कहते हैं क़यामत, अगर क़यामत से भी कुछ भयानक शब्द है तो वही मान लीजिये! आइए विस्तार से पढ़ते हैं। यकीन मानिये बेहद रोचक है।

Destroy Moon Effect Earth –

लेख के अंत में मंगल गृह के बारे में एक अति रोचक जानकारी है, उसे जरूर पढ़ें, तब यहा लिखी कही बातों पर यकीन करना असान होगा। अगर चाँद नस्ट हो जाये तो दुनिया के तमाम वैज्ञानिको का कहना है धरती पर जीवन नस्ट होने में जयादा से ज्यादा छह दिन लगेंगे। अलग अलग घंटे या दिन क्या होगा आइये जानते हैं। उसके बाद मैं आपको बताऊंगा की ऐसा क्यों होगा।

पहला दिन: चांद नष्ट हो चुका है धरती पर अचानक ऊंची ऊंची लहरें उठने लगी है। मात्र 5 मिनट में धरती पर जितने भी आईलैंड हैं याद समुद्री किनारे शहर इलाके हैं सब पूरी तरह पानी से तहस-नहस हो जायेंगे। लोग कयामत को अपनी आंखों से देखेंगे। अगले एक घंटे बाद कई शहरो और करोडो लोगो को आगोश में ले लहरें शांत हो जाएँगी।

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अगले छह घंटे बाद: आप सब को पता ही होगा कि चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण की शक्ति की वजह से धरती 23.5 डिग्री एक्सिस पर घूमती है और चांद धरती को नीचे दिखाई गई चित्र के पोजिशन में होल्ड करता है और जब चांद नहीं रहेगा तब धरती अपनी अक्सिक्स पर कांपना शुरू कर देगी क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल (चाँद) भी गायब हो चुका होगा धरती के घूमने की गति बहुत बढ़ जाएगी जिसके चलते धरती पर मौसम जल्दी-जल्दी बदलना शुरू हो जाएगा जहां पर लोग गर्मी से बेहाल थे कुछ ही मिनटों में वहां बर्फ पड़ने लगेगी।कम्पन की वजह से जगह जगह न मापने योग्य भूकंप आएंगे और जवालामुखी फटने लगेंगे।

एक दिन मात्र 3 घंटे का ही होगा: यह मैं पहले ही बता चुका हूं कि जब चांद नहीं रहेगा तो धरती की गति जो चांद के गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से धीमी थी अब बढ़ जाएगी इसके चलते 2 दिन पहले 24 घंटे का होता था वह अब मात्र 6 घंटे का होगा 3 घंटे का दिन हो 3 घंटे की रात।

कुछ और आश्चर्यजनक बातें: बिना चांद के धरती पे मौसम हो जाएगी अगर कुछ लोग बचे होंगे तो अथाह तकलीफ में होंगे पहले घंटे में बहुत गर्मी होगी और अगले 1 घंटे इतनी सर्दी होगी की नदियां समुद्र का पानी जम जाएगा। इसी बदलाव के चलते समुद्री जीवन नष्ट हो जाएगा। अब इस कयामत के पीछे होने वाले साइंटिफिक कारणों के बारे में पता लगाते हैं! माना जाता है कि किसी समय धरती अकेले ही सूरज का चक्कर लगाती थी परंतु 1 दिन अंतरिक्ष के अनंत फैलाव के बीच में मंगल ग्रह के आकार का कोई ग्रह धरती से टकराया और धरती के कई टुकड़े हो गए और वह टुकड़े धरती से अलग हो अंतरिक्ष में चले गए लेकिन धरती के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण अपनी ओर खींचे रखा वैज्ञानिकों का कहना है कि हजारों सालों की प्रक्रिया के बाद धरती के भाई, चाँद (चंदा मामा) नमक गृह बन गया। इसकी कुछ सालों बाद ही धरती पर जीवन पनपने लगा वैज्ञानिकों का मानना है कि चांद के बनाने के पश्चात या कारण धरती पर जीवन संभव हुआ अगर चांद होंद में नहीं आता तो धरती पर जीवन संभव नहीं था। अब आप सोच रहे होंगे कि कैसे चांद के चलते जीवन संभव होगा, जो आप पहले ही ऊपर पढ़ चुके हैं। इसे सिद्ध करने के लिए हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं| इसी बात को समझने के लिए आओ समझते हैं कि अगर चांद नष्ट हो जाए तो धरती का अस्तित्व क्या है क्या जीवन तब भी रहेगा। धरती पर मौजूद सभी महासागर को चांद ही कंट्रोल करता है चांद धरती के चारों तरफ घूमते घूमते समुद्र को अपनी ओर टानता है और किसी का चलते समंदर मैं पानी बहुत ऊपर तक उठता है जिसे हम लहरें कहते हैं।

इसी गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण टाइट्स टाइड यानी ज्वार उठते हैं हम लोग बहुत बार किसी फिल्म में या समुंद्र किनारे देख लहरों का उठना देखते हैं मगर यह सोच लेते हैं कि यह शायद हवा के चलते हो रहा है तो आज आप लोग जान लो कि यह हवा के चलते नहीं बल्कि धरती से तकरीबन 3,84,400 किलोमीटर दूर अंतरिक्ष में मौजूद चांद के चलते होता| जो धरती पर मौजूद पानी को अपनी ओर खींचता है दरअसल देखा जाए तो सूरज भी गुरुत्वाकर्षण शक्ति की वजह से पानी को अपनी ओर खींचता है मगर दूरी बहुत बहुत ज्यादा होने के कारण कोई फर्क नहीं पड़ता चांद जितना धरती से जो दूर है सूरज उससे 400 गुना ज्यादा दूर है|

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मंगल गृह के बारे में एक अति रोचक सचाई: कई साइंटिस्ट यह मानते हैं की जो आपने ऊपर पढ़ा वह मंगल ग्रह का इतिहास है । साइंटिस्ट की मानें तो पहले मंगल ग्रह का चांद हुआ करता था। लेकिन एक मरता हुआ तारा जिसे सुपर नोवा कहते हैं, उसकी गामा किरणों ने मंगल के चाँद को नष्ट कर दिया। जिसके चलते मंगल गृह अपनी एक्सिस पर कंपा (Shake) करता है। जिसका भयानक परिणाम आप ऊपर पढ़ चुके हैं।